Wednesday, May 6, 2026

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Dharmik Sthal

चमत्कारी है यह जैन तीर्थ स्थल, दुनिया भर के लोगों को आकर्षित करता है|

भारत में कई धर्म के तीर्थ स्थल हैं। हर तीर्थ स्थल का अपना विशेष महत्व है। उनमें से कुछ तीर्थ स्थान ऐसे भी हैं जहाँ पर कई चमत्कार देखने को मिलते हैं।

आज हम आपको भी ऐसे ही एक चमत्कारी तीर्थ स्थल के बारे में जानकारी देने जा रहे है। यह मंदिर एक पहाड़ी पर है, जहां केसर और चंदन की बारिश होती है। इस बारिश के दृश्य को देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। यह तीर्थस्थल है, मुक्तागिरी।

मुक्तागिरी शहर अपनी सुंदरता, रमणीयता और धार्मिक प्रभाव के लिए जग प्रसिद्ध है। उसमे भी यहां होने वाली केसर और चंदन की बारिश की चर्चा विदेशो में भी है। यहां दिगंबर जैन संप्रदाय के कुल मिलाकर 52 मंदिर हैं। यहां भगवान पार्श्वनाथजी का मंदिर भी स्थापित है। यह मंदिर मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में स्थित है।

इस मंदिर में स्थापित भगवान पार्श्वनाथ की सप्तफनिक प्रतिमा मूर्तिकला का एक अनूठा उदाहारण है। यहां स्थित मानस्तंभ मन को शांति और सुख प्रदान करता है। यहां आने वाले पर्यटक मन की शांति को महसूस करते हैं।

इस मंदिर के दर्शन करने हेतु देश और विदेश में रहने वाले जैन ही नहीं, बल्कि अन्य धर्म के लोग भी बड़ी संख्या में आते हैं। इस मंदिर से एक पौराणिक कथा भी जुडी हुई है जो कुछ इस तरह से है।

1000 साल पहले मुनिराज ध्यान कर रहे थे और एक मेंढक पहाड़ की चोटी से जमीन पर गिर गया। मुनिराज ने मेंढक के कान में जप किया और वह मृत्यु के बाद स्वर्ग चला गया। जिस दिन यह घटना हुई उस दिन केसर और चंदन की बारिश हुई।

ऐसा माना जाता है कि इस दिन से हर साल अष्टमी और चौदस को चंदन और केसर की बारिश होती है। इस पर्वत को बहुत पवित्र माना जाता है। इस पर्वत पर 52 और पर्वत के तल में 2 मंदिर स्थित हैं। यहां के अधिकांश मंदिर 16 वीं शताब्दी के हैं। दर्शनार्थियों को देखने के लिए 250 सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं।

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